कोल्हू के बैल हैं डायल 100 के पुलिस कर्मी

12-12 घंटे की शि ट में करना पड़ता है काम, मातहतों की कमी से जूझ रहा विभाग

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लखनऊ। सूबे की कानून व्यवस्था को दुरस्त रखने के लिए भले ही हाईटेक डायल 100 बना दिया गया हो। लेकिन यहां तैनात पुलिस कर्मी कोल्हू के बैल से कम नहीं। मातहतों की कमी से जूझ रहा विभाग डायल 100 कर्मियों से 12-12 घंटे की शि ट में काम ले रहा है। यही वजह है कि रात की शि ट में पेट्रोलिंग करने के बजाए थक हार कर पुलिस कर्मी आराम फरमाते नजर आते हैं।

प्रदेश में बिगड़ते कानून व्यवस्था को लेकर एक तरफ जहां सरकार की फजीहत हो रही है। वहीं डायल 100 के पुलिस कर्मियों पर भी लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। कभी पेट्रोलिंग न किए जाने को लेकर तो कभी पुलिस कर्मियों का ड्यूटी के दौरान सो जाने का मामला आए दिन सामने आ रहा है। लेकिन असल वजह है कि हाईटेक डायल 100 पुलिसिंग को यहां कि सिस्टेम ने ही धड़ाम कर रखा है। बीते कई सालों से पुलिस कर्मियों से जूझ रहा पुलिस विभाग अभी तक पुलिस भर्ती नहीं कर सका है। आलम यह है कि महज छह हजार पुलिस कर्मी यूपी डायल 100 में तैनात है। जिनसे विभाग दो सि टों में काम लेता है। यानी 12-12 घंटे की ड्यूटी। ऐेसे में रात की सि ट के दौरान पेट्रोलिंग टीमों पर असर पड़ता है।

11 हजार पुलिस कर्मियों की है जरूरत –

डायल 100 में कम से कम 11 हजार पुलिस कर्मियों की जरूरत है। जबकि यहां महज छह हजार पुलिस कर्मियों से काम लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि 11 हजार पुलिस कर्मियों की तैनाती होने के बाद ड्यूटी दो शि टों के बजाए तीन शि टों में हो जाएगी। आठ-आठ घंटे की ड्यूटी होने पर पुलिस कर्मी आसानी से अपनी सेवाएं दे सकते हैं।

चालक तक नहीं हैं डायल 100 के पास –

यूपी डायल 100 में 3200 सौ चार पहिया वाहिन जबकि 1600 दो पहिया वाहन हैं। लेकिन हकीकत यह है कि डायल 100 के पास चालक नहीं है जो जीपीएस सिस्टेम से लैस गाडिय़ों को चला सके। फिलहाल विभाग होमगार्डों से काम चलाऊ काम ले रहा है।

जल्द होंगी पुलिस कर्मियों की भर्ती –

शासन पुलिस कर्मियों की भर्ती को लेकर सजग दिख रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही विभाग को मातहतों की कमी से बाहर कर लिया जाएगा। सूबे में जल्द ही सिपाही व दरोगाओं की भर्ती कर डायल 100 को और भी मजबूत बना दिया जाएगा।

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