एक करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी मैरिज हॉल व लॉन से

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लखनऊ। वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी ने 15 दिनों में लखनऊ शहर में बड़े व चर्चित 30 मैरिज हॉल, लॉन पर छापे मारा गया। इसके बाद करोड़ों की टैक्सचोरी का बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में दस्तावेज सीज किये गये हैं आैर जुर्माना समेत टैक्स भी जमा कराया गया है।

इसमें गोमती नगर स्थित एक चर्चित बिजनेस स्कूल का नाम भी शामिल है, जिसका प्रयोग पढ़ाई के साथ ही शादी पार्टी के लिए भी किया जा रहा था। छापे में खुलासा हुआ है कि शादी के दो से तीन लाख के पैकेज पर एक लाख का चेक से भुगतान लेकर मात्र उसी पर टैक्स जमा कराया जा रहा था, जबकि लॉन की बुकिंग में 60 से 70 हजार जमा कराके दो से ढाई लाख तक का पैकेज दिया जा रहा था।

अपर मुख्य सचिव कर एंव निबन्धन आर.के तिवारी के निर्देश पर अभियान चलाकर की गयी। यह पहला मौका है जब इस प्रकार की छापे की इस कार्रवाई से विभाग को लगभग एक करोड रूपयों का टैक्स मिला है।

इसके बाद राज्य कर आयुक्त मुकेश मेश्राम ने प्रदेश के सभी जोनल एडीशनल कमिश्नरों को निर्देश दिए थे, कि जिले के सभी मैरिज हॉल, लॉन व गेस्ट हाऊसों की जांच कर टैक्सचोरी पकड़ी जाए। इसीक्रम में लखनऊ के एडीशनल कमिश्नर- ग्रेड-2 अनंजय कुमार राय व के.के उपाध्याए ने डिप्टी कमिश्नर डा. भूपाल बहादुर सिंह, एम.पी सिंह यादव व श्रीराम गोंड के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया। इन टीमों में शामिल असिस्टेंट कमिश्नर, शैलेन्द्र सिंह व कुंवर मृत्युंजय मैरिज हॉलों व लॉनों में ग्रांहक बनकर बुकिंग के लिए गए आैर काले- सफेद का पूरा खेल समझने के बाद एक साथ छापों की कार्रवाई शुरू की गयी। टीम ने स्कार्पियो क्लब, जेनेसिस क्लब, जलसा रिसार्ट, शिमला होटल एंड रिसार्ट, चन्सर्ल क्लब, मैपल पैराडाइज, बलरामपुर गार्डेन, डॉयमंड रिसार्ट, ब्लू आर्चिट, मूवेन्ट गेस्ट हाऊस, मोति महल वाटिका, बाबू बनारसी दास बैडमिन्टन एसोसिएशन, आईएमआरटी बिजनेस स्कूल, एम.एम लॉन, डी.बी लॉन, राज स्टेट व ए.आर लॉन शामिल हैं।

बताते चले कि छापों में वही तथ्य खुलकर सामने आए हैं जिनको लखनऊ में प्रकाशित हिन्दी दैनिक समाचार पत्र राष्ट्रीय सहारा ने अपने प्रकाशित समाचार में खुलासा कर किया था। आलीशॉन शादियों को केवल सगाई व जन्म दिन पार्टी दिखाकर बिल काटे गये। जो बिल काटे गये उन पर तो 18 फीसद का सेवाकर जमा किया गया, शेष पैसा ब्लैक में लिया गया।

मैरिज लॉन मालिकों ने अपने पक्ष में तर्क रखा है कि उन्होंने केवल लॉन किराये पर दिया था, लाइट व टेन्ट दूसरे का था, लेकिन उनका यह तर्क नहीं माना गया क्योंकि जिस मैरिज लॉन में शादी पार्टी होती है जीएसटी चुकाने की जिम्मेदारी उसी की होती है। जांच के दौरान एसआईबी के अधिकारियों को तमाम दबाव भी झेलने बड़े चूकि जांच का आदेश सीधे ऊपर से आए थे, इसलिए कार्रवाई जारी रही। दोनों जोनों के एडीशनल कमिश्नर- ग्रेड-2 खुद छापे के दौरान नेतृत्व करने के लिए गए थे।

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