बलरामपुर अस्पताल में स्वाइन फ्लू से दहशत में चिकित्सक

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लखनऊ। राजधानी में स्वाइन फ्लू का कहर जारी है। हालात बद् से बद्त्तर होते जा रहे हैं। स्वास्थ्य महकमा अपने ही लोगों को अनदेखा करने पर आमादा है। बलरामपुर अस्पताल में चिकित्सकों से लेकर पैरामेडिकल तक के लोग जान हथेली पर लेकर स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों का इलाज करने के लिए मजबूर है। अभी तक इन चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टाफ का स्वाइन फ्लू के बचाव के लिए वैक्सिनेशन नहीं हो पाया है। वहीं अस्पताल प्रशासन बैक्सीनेशन के लिए भी बजट का रोना रो रहा है। ऐसे में यदि एक भी मरीज जांच के दौरान पॉजिटिव आ जाता है, तो चिकित्सकों से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ तक के हाथ पांव फूल जाते हैं।

बीते तीन दिनों से यहां के चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ इतने दहशत में थे कि इलाज के लिए ओपीडी में आने वाले मरीजों को तत्काल मुंह ढकने के लिए कह रहे थे। मंगलवार दोपहर एक मरीज जुकाम व बुखार की शिकायत लेकर नई ओपीडी में पहुंच गया। उसकी हालत काफी गम्भीर लग रही थी। जिसके चलते चिकित्सक ने मरीज को देखने के बाद तुरन्त जांच का नमूना देने के लिए भेज दिया।   सूत्र बताते है इसके बाद वहां मौजूद चिकित्सक व अन्य स्टाफ आक्रोशित हो उठा। जब ये मामला अस्पताल प्रशासन के पास पहुंचा,तब जाकर अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और जल्द ही वैक्सीनेशन कराने का भरोसा दिया। इसी तरह के हालात लोहिया अस्पताल के भी हैं अभी वहां भी चिकित्सकों तथा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ का वैक्सिनेशन नहीं हो पाया है। वहीं सिविल अस्पताल में ३५० वैक्सीन आये थे जो चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ को लगाये जा चुकें है।

१०० वैक्सीन मंगा ली गयी हैं। जो चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ सीधे तौर पर मरीजों के सम्पर्क में रहते हैं। उनको वैक्सीन लगाई जायेगी।

-डॉ.आरके.सक्सेना,सीएमएस,बलरामपुर अस्पताल

हमारे यहां चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के लोगों को बीते दिसम्बर व जनवरी माह में स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए बैक्सिनेशन किया गया था। जल्द ही दोबारा से बैक्सिनेशन जल्द कराया जायेगा।

-डॉ.एमएल.भार्गव.एमएस,लोहिया अस्पताल

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