आयकर विभाग का दूसरे दिन छापा जारी, बेनामी करोड़ों रूपये, जेवर व अन्य गड़बड़ियां मिली

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लखनऊ। इनकम टैक्स विभाग ने बृहस्पतिवार को राजधानी सहित प्रदेश डाक्टरों और उनकी क्लीनिक, अस्पतालों व संस्थानों पर छापा मारने की कार्रवाई के बाद दूसरे दिन भी छानबीन व जांच पड़ताल शुक्रवार को भी जारी रखी। सूत्रों की माने तो इनकम टैक्स विभाग ने अलग- अलग डाक्टरों की कमाई में से कुल 35 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति जब्त कर ली है। जांच में 2.16 करोड़ रूपये कैश और 14 लाकर बरामद किया गया। यह जानकारी इनकम टैक्स विभाग से दी गयी जानकारी में दी गयी है।

आयकर विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार डॉक्टरों पर जांच की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी की गई, जांच में रसीदों के पक्की न होने और मरीजों से लिये गये धन को रिटर्न में नहीं दिखाया गया है। अपनी सम्पत्तियों में आय के अनुसार पूरी जानकारी नहीं दी गई। आम तौर पर अपनी वास्तविक आय की तुलना में रिटर्न में कम आय घोषित कर खातों की पुस्तकों में हेरफेर होना पाया गया है। ऐसे में इन डाक्टरों द्वारा अर्जित की गई अकूत संपत्तियों में बेहिसाब निवेश भी किये गये हैं।

वही चर्चित चरक अस्पताल व पैथालॉजी के मालिक डा. रतन सिंह के घर, पैथालॉजी व अन्य स्थानों पर छापे की कार्यवाही में मिली सम्पत्तियों में उन्होंने अपनी अघोषित आय की 25 करोड़ रूपये सरेंडर कर दिया है। चरक के विभिन्न कार्यालयों पर निवेश की गई सम्पत्तियों की जांच अभी जारी है। इसके अलावा लखनऊ के सिप्स अस्पताल के मालिक डा. महेश चंद्र शर्मा के कानपुर व लखनऊ अस्पतालों में अधिकारियों द्वारा छानबीन की गई। डा. शर्मा के अस्पतालों में 7 लाख रूपये कैश मिले है। इसके अलावा बेहिसाब निवेश की संपत्ति की जांच की जा रही है। आयकर विभाग को जांच के दौरान पता चला है कि व्यक्तिगत लाभ के लिए ट्रस्ट फंड के जरिए निवेश किया गया।

सिप्स अस्पताल से संबंधित प्रतिष्ठानों पर मिले दस्तावेजों की जांच अभी की जा रही है, फिलहाल अन्य खोज की कार्रवाई अस्थाई रूप से समाप्त की गई है। सत्रों के अनुसार सिप्स ग्रुप से संबंधित एक विश्वविद्यालय गुजरात में निर्माणाधीन है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। नोएडा का नियो अस्पताल से संबंधित अन्य स्थानों पर दस्तावेजों की जांच की गई। नियो अस्पताल के स्वामी एवं न्यूरोफिजीशियन डा. राजीव मोटियानी और फिजीशियन डा. गुलाब गुप्ता द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस अस्पताल में भी मरीजों द्वारा जांच जैसे कार्यों के लिए दिये गये रूपयों का कोई हिसाब नहीं मिला है। रसीदों के जरिए कैश रूपये में गड़बड़ी है।

डा. राजीव मोटियानी के आवास से 58 लाख रूपये कैश जब्त किए गए। उनके आवास से मिले दो लॉकरों को अभी तक संचालित नहीं किया गया है, जिसमें बेहिसाब आभूषण शामिल है। इसी तरह ही डा. गुलाब गुप्ता के आवास से 20 लाख रूपये कैश जब्त किए गए। नियो अस्पताल और नियो फार्मेसी में विसंगतियां भी पाई गई हैं। हापुड़ जनपद के डा. अंकित शर्मा के अस्पताल जीएस मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल में मरीजों से की गई लेन-देन की वास्तविक साक्ष्य नहीं प्राप्त हुआ। इस अस्पताल में 38 लाख रूपये कैश और 4 किलो आभूषण पाए गये हैं जिनका मूल्य अभी तय किया जाना है जो बेहिसाब हैं। दस्तावेजों की जांच में पता चला है कि उन्होंने 7.5 करोड़ रूपये की आय अर्जित की है।

मुरादाबाद के बाल रोग विशेषज्ञ डा. प्रेम कुमार खन्ना के घर व अन्य प्रतिष्ठान से 1.18 करोड़ रूपये कैश, आभूषण और पांच लाकर भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। मेरठ के जाने-माने न्यूरोफिजीशियन डा. भूपेंद्र चौधरी के आवास से आयकर विभाग ने 13 लाख कैश की बेहिसाब नकदी जब्त की। उनके यहां पांच लॉकर मिले जिसकी जांच की जा रही है, इसमें आभूषण भी शामिल है। इसके अलावा मेसर्स प्रकाश ड्रग्स एजेंसी में दवाओं की बिक्री में आय की जानकारी नहीं दिखाई गई है। डा. चौधरी के बंगले में बेहिसाब निवेश का पता लगाया जाना है, आयकर विभाग ने बंगले की कीमत लगभग 4 करोड़ रूपये से अधिक की बतायी जाती है।

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