अब कम शुल्क में घटेगा मोटापा

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लखनऊ। अब मोटापा से परेशान लोगों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के जनरल सर्जरी विभाग के में लैप्रोस्कोपिक बैरिएट्रिक सर्जरी शुरू की गयी है। यहां के डाक्टरों की टीम ने अभी हाल में एक लड़की व एक महिला का सफल सर्जरी की है। लैप्रोस्कोपिक बैरिएट्रिक सर्जरी होने के बाद दोनों ही मरीज पूरी तरह से स्वस्थ्य है। अभी यह सर्जरी बहुत कम शुल्क में की जा रही है।

केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग के प्रमुख डा. अभिनव अरुण सोनकर व उनकी टीम ने बैरिएट्रिक सर्जरी कम शुल्क में शुरू करके मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह सर्जरी आसान बना दिया है। जिन मरीजों को मोटापे जैसी घातक बीमारी से बैरिएट्रिक सर्जरी के माध्यम से निजात मिली है उनमें से सुनीता ( बदला हुआ नाम) केजीएमयू के सर्जरी विभाग में गैलेस्टोन की समस्या थी। यहां पर भर्ती होने के बाद उसे डॉ.अवनीश कुमार ने गैल स्टोन से निजात दिलाने के साथ ही मोटापे को कम करने के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी कराने का परामर्श दिया।

इसके अलावा सविता ( बदला हुआ नाम )की भी सर्जरी कर डा .अवनीश कुमार व डा.अक्षय आनंद ने मोटापे से निजात दिला दी है। डॉ.अवनीश कुमार ने बताया कि जब मरीज सुनीता उनके पास इलाज के लिए आयी थी,तब उसका वजन का 95 किलो था। परामर्श के बाद बैरिएट्रिक सर्जरी के माध्यम से मोटापे से निजात दिलाई जा रही है।

डॉ.अवनीश कुमार ने बताया कि इस सर्जरी में पेट के ऊपरी भाग में चार छोटे चीरे दिये जाते हैं,उसके बाद अंदर लैप्रोस्कोप तकनीक के माध्यम से बढ़े हुए पेट का एक भाग निकाल दिया जाता है और पेट को स्टेपल करते हुए एक पतली ट्यूब बनाई जाती है। इस सर्जरी के बाद मरीज को चार से पांच दिन में अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है। प्रो. सोनकर ने बताया कि दो मरीजों की बैरिएट्रिक सर्जरी की गयी है।

उनसे बहुत कम शुल्क लिया गया है, लेकिन साठ से सत्तर हजार रुपये में सर्जरी की जा सकती है। इस सर्जरी में आने वाले खर्च को सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अभिनव अरूण सोनकर के सहयोग से विश्वविद्यालय प्रशासन ने उठाया है। डा.अवनीश की माने तो निजी संस्थानों मेें बारिएट्रिक सर्जरी कराने पर चार से पांच लाख का खर्च आता है।

सर्जरी से कई बीमारियों से मिलता सकती है निजात

डॉ.अवनीश कुमार के मुताबिक इस सर्जरी से केवल मोटापा ही समाप्त नहीं होता बल्कि कई खतरनाक बीमारियों से निजात भी मिलती है। जिसमें प्रमुख रूप से मधुमेह,उच्च रक्तचाप,स्लीप एप्निया,गठिया,पीसीओडी शामिल है।

बैरिएट्रिक सर्जरी करने वाली टीम

डॉ.अवनीश कुमार,डॉ.अक्षय आनंद, रेजीडेंट डॉ.अवतार पाउचारी,डॉ.अंकिता गुप्ता,डॉ.सपना ,डॉ.प्रणव,डॉ.अंजली तथा एनेस्थेसिया के प्रोफेसर गिरीश चंद्रा,प्रो.शोभना जफा शामिल रहे।

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